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राजस्थान और तेलंगाना विधानसभा चुनाव की मतदान शुरू

राजस्थान/ तेलंगाना । राजस्थान विधानसभा चुनाव में मतदान की तैयारियां पूरी हो गई हैं। चुनावअधिकारियों ने मतदान केंद्रों पर पहुंच कर मोर्चा संभाल लिया है।  मतदान सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम पांच बजे तक चलेगा। शांतिपूर्ण मतदान के लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी की है और बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।

मतदान के लिए कुल 51687 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। राजस्थान में कुल 4,7554217 मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाता 2,4836699 और महिला मतदाता 2,2717518 हैं। पहली बार राज्य में करीब 20 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। शाम पांच बजे तक मतदाता अपना फैसला ईवीएम में दर्ज कर देंगे। 11 दिसंबर को पता चलेगा कि जनता ने किसके पक्ष में फैसला दिया है। मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है।  

विधानसभा चुनाव के लिए 7,791 मतदान केंद्रों को संवेदनशील चिन्हित किया गया है। इन केंद्रों पर केंद्रीय पुलिस बलों को तैनात किया गया है ताकि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से मतदान सुनिश्चित किया जा सके। पुलिस महानिदेशक ओ.पी. गल्होत्रा ने बताया कि इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश और गुजरात से लगती अंतरराज्यीय सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी गई है।

राजस्थान पुलिस ने निष्पक्ष और शान्तिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। सभी मतदान केन्द्रों पर चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही 7,791 संवेदनशील बूथों पर केन्द्रीय पुलिस बलों का जाप्ता तैनात किया गया है।

उन्होंने बताया कि चुनाव बंदोबस्त में कुल लगभग 1.44 लाख से अधिक सिपाही, हेडकांस्टेबल और एएसआई और लगभग 1500 पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा पैरामिलिट्री की 640 कंपनियां और पड़ोसी राज्यों से 13,000 होमगार्ड वॉलंटियर को लगाया गया है।

राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं। मतदान 199 सीटों पर होगा। अलवर की रामगढ़ सीट से बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण चौधरी के निधन के बाद चुनाव स्थगित कर दिया गया है।  कुल 2274 प्रत्याशी मैदान में हैं जिनमें 182 महिला प्रत्याशी और 2092 पुरुष प्रत्याशी हैं। 

कांग्रेस ने 195 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। लोकसभा में गठबंधन को ध्यान में रखते हुए दो-दो सीटें लोजद और रालोद के लिए और एक सीट एनसीपी के लिए छोड़ी है। भाजपा ने 199 उम्मीदवार, बसपा ने 190 उम्मीदवार, आप ने 141 उम्मीदवार, भारत वाहिनी पार्टी ने 63 उम्मीदवार, रालोप ने 57 उम्मीदवार उतारे हैं। मैदान में 839 निर्दलीय भी खड़े हैं।  

तेलंगाना विधानसभा चुनाव :-

ईसी तरह, तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के धुआंधार चुनाव प्रचार के बाद कुल 119 सीटों पर आज वोट डाले जा रहे हैं। राज्य में सत्तारूढ़ टीआरएस, कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन और भाजपा में त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है। तेलंगाना में पहली बार मतदाता सत्यापन पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) का उपयोग किया जा रहा है। मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया और शाम पांच बजे संपन्न होगा, जबकि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के रूप में चिन्हित की गई 13 सीटों पर मतदान शाम चार बजे तक ही होगा।

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) रजत कुमार ने बताया कि चुनाव में किसी भी गड़बड़ी से निपटने के लिए करीब 446 उड़नदस्ते मुस्तैद रहेंगे। वहीं, 448 निगरानी टीमें हालात पर नजर रखेंगी। साथ ही, 224 वीडियो निगरानी टीमें भी बनाई गई हैं। राज्य विधानसभा चुनाव को सुगम बनाने के लिए डेढ़ लाख से अधिक मतदान अधिकारी चुनाव तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। राज्य में कुल 2. 80 करोड़ मतदाता विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस चुनाव के लिए कुल 32,815 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 

अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) जितेंद्र नेबताया कि 25,000 केंद्रीय सुरक्षा बलों और अन्य राज्यों के 20,000 बलों सहित करीब एक लाख पुलिसकर्मी चुनाव ड्यूटी में लगाए गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। 

तेलंगाना विधानसभा चुनाव मूल रूप से अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ – साथ होना था लेकिन राज्य कैबिनेट की सिफारिश के मुताबिक छह सितंबर को विधानसभा भंग कर दी गई थी। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने समय से पहले चुनाव कराने का विकल्प चुन कर एक बड़ा दाव चला था।

सत्तारूढ़ टीआरएस को कड़ी चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने टीडीपी, तेलंगाना जन समिति और भाकपा के साथ एक गठबंधन बनाया है। आरएस और भाजपा ने यह चुनाव अपने-अपने दम पर लड़ने का फैसला किया है। राव अपनी पार्टी की ओर से स्टार प्रचारक थे जबकि कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने कद्दावर नेताओं को चुनाव प्रचार के लिए उतारा। 

कांग्रेस के लिए संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं ने चुनाव रैलियों के संबोधित किया, जबकि भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सहित अन्य नेताओं ने चुनाव प्रचार किया। राहुल ने तेदेपा प्रमुख व आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के साथ एक संयुक्त सभा को भी संबोधित किया था। 

हालांकि, पिछला चुनाव (2014) टीडीपी के साथ गठजोड़ कर लड़ने वाली भाजपा ने कहा कि उसने इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय कर दिया है। चुनाव मैदान में एक ट्रांसजेंडर सहित कुल 1,821 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मतगणना 11 दिसंबर को होगी।

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