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करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान सरकार भारत को भेज सकती है प्रस्ताव

नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान सरकार भारत को एक प्रस्ताव भेज सकती है। जिसमें कुछ शर्तें रखी गई हैं। इन शर्तों में शामिल है- यह एक परमिट आधारित प्रवेश होगा।

पासपोर्ट अनिवार्या होगा, प्रतिदिन 500 से ज्यादा श्रद्धालुओं को आने की इजाजत नहीं होगी और दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के बारे में भारत को तीन दिन पहले सूचना देनी होगी। यह बातें पाकिस्तान की मीडिया ने कही हैं।

गुरुवार को पाकिस्तान ने एक बार फिर से करतारपुर कॉरिडोर और कश्मीर का राग अलापा जिसपर भारत ने उसे कड़ी फटकार लगाई।

पाकिस्तान ने इमरान खान सरकार के लिए करतारपुर कॉरिडोर को ‘सबसे बड़ा कूटनीतिक प्रयास’ करार देते हुए कहा था कि कश्मीर मुद्दा हमारी प्राथमिकता में शीर्ष पर है।

लेकिन इसके बाद भारत की तरफ से स्पष्ट कहा गया कि करतारपुर कॉरिडोर प्रोजेक्ट कूटनीतिक या राजनीतिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहल थी। 

कॉरिडोर की पहल का अर्थ यह नहीं है कि भारत बड़े मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ वार्ता शुरू करने के लिए तैयार है। बता दें कि पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने गुरुवार को इस्लामाबाद में कहा था कि कश्मीर मुद्दा पाकिस्तान की प्राथमिकता में शीर्ष पर ही रहा है।

पाकिस्तान 5 फरवरी, 2019 को लंदन में कश्मीर में हिंसा के खिलाफ आयोजन का समर्थन करेगा और हमारे विदेश मंत्री भी उस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। फैसल ने कहा था कि अफगानिस्तान शांति वार्ता के साथ ही करतारपुर कॉरिडोर नई सरकार की कूटनीति का उच्च बिंदु था।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी को सितंबर में एक पत्र लिखकर आगे बढ़ने के लिए विस्तृत रोडमैप भेजा था, लेकिन नई दिल्ली पारस्परिक तौर पर विफल रही है।

फैसल ने कहा कि भारत के वार्ता शुरू करने से इनकार करने पर भी पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर की नींव रखकर आगे बढ़ने का प्रयास किया था। 

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